Shaheed Kosh

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श्री कनक मधुकर मूल रूप से भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा के रहने वाले अग्रवाल वैश्ये थे| मैट्रिक की परीक्षा के बाद उन्होंने हिंदी विशेषज्ञ और साहित्याचार्य की परीक्षाएं पास की थी| 1937 में उन्होंने नवज्योति, राजस्थान, रियासती आदि के संपादकीय विभाग में कार्य किया था| 1942 में "भारत छोड़ो आंदोलन" में श्री कनक मधुकर गिरफ्तार कर लिए गए| वे अजमेर सेंट्रल जेल में 14 महीने रहे| उनके रिहा होने पर अजमेर कमिश्नर द्वारा यह पाबन्दी लगा दी गयी की, वे अजमेर की सीमा में प्रवेश नहीं करे| वे समय समय पर अपने साथी पत्रकारों और राष्ट्रीय कार्यकर्ताओ की उनकी आवश्यकता के समय गुप्त रूप से आर्थिक सहायता करते रहते थे| 1946 में वे उदयपुर में गिरफ्तार कर लिए गए थे और 15 दिन उदयपुर की जेल में रहे| पत्रकारिता के अतिरिक्त हरिजन सेवा, खादी प्रचार और अन्य रचनात्मक कार्यो में उनका विशेष योगदान रहा|

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