Shaheed Kosh

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श्री नरेंद्रपाल सिंह चौधरी का जन्म सन 1912 में नाथद्वारा के एक जाट परिवार में हुआ था| इनकी शिक्षा इंटर तक ही हो सकी थी| श्री नरेंद्रपाल सिंह चौधरी राजस्थान के तपे हुए सत्यनिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी थे| मेवाड़ प्रजामण्डल और अखिल भारतीय देशी राज्य प्रजापरिषद के वे कर्मठ कार्यकर्ता रहे और देश की स्वाधीनता के लिए तथा राजशाही की समाप्ति के लिए लडे गए हर संग्राम में वे सदा अगली पंक्ति में खड़े मिले| स्वतंत्रता के पहले सन 1930,1932, 1933, 1938 और 1941 में उनको निरंतर जेल की सज़ाएँ होती रही| मेवाड़ प्रजामंडल के सत्याग्रह में वे एक वर्ष जेल में रहे और भारत छोडो आंदोलन में भारत सुरक्षा कानून के अंतर्गत वे करीब साढ़े तीन वर्ष तक नज़रबंद रहे| सन 1933 में श्री नरेंद्रपाल सिंह चौधरी अजमेर से निर्वासित कर दिए गये थे| वे राजस्थान समाजवाद पार्टी के वर्षों तक महामंत्री भी रहे| समाजवादी कार्यक्रमों के लिए 1949 से 1970 तक अनेको बार भीलवाड़ा, चूरू और उदयपुर की अदालतों में उन्हें सज़ाएँ दी गई और वे जेल भेजे गए| वे जीवन भर शिक्षा प्रसार, हरिजनोद्धार और किसान-मजदूर संगठनो के कार्यो में लगे रहे|

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