Shaheed Kosh

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श्री प्यारचंद विश्नोई का जन्म संवत 1964 को भीलवाड़ा जिले की पुर तहसील में हुआ था| इनके पिता श्री नारायणजी विश्नोई ने इन्हे प्रारंभिक शिक्षा पुर में दिलवाने के बाद भीलवाड़ा में उन्हें मिडिल तक पढ़ाया और आगे पढ़ाई के लिए वे उदयपुर आये| प्यारचंद विश्नोई ने राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लिया और बाद में सन 1930 में वह अजमेर जाकर नमक सत्याग्रह में कूद पड़े| नमक सत्याग्रह के बाद श्री हरिभाऊ उपाध्याय की प्रेरणा से वे बिजोलिया के किसान सत्याग्रह में काम करने चले गए| अजमेर से उन्हें सन 1932 में केकड़ी में कार्य करने को भेजा गया और कुछ दिन के बाद उन्हें इंडियन क्राइम एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार करके 9 महीने की सज़ा में अजमेर सेंट्रल जेल भेज दिया गया| अजमेर से रिहा होते ही ब्यावर में शराब की दुकानों पर पिकेटिंग करते समय जुलाई 1933 में गिरफ्तार किया गया और 6 महीने की सज़ा उन्हें फिर अजमेर जेल में काटनी पड़ी| वे अजमेर से भीलवाड़ा सत्याग्रह करने गए| भीलवाड़ा स्टेशन से बहार आते ही उन्हें मेवाड़ की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और 9 महीने के लिए उदयपुर जेल में भेज दिया| सन 1942 की 15 अगस्त को श्री प्यारचंद विश्नोई खादी भंडार में काम करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया| उन्हें अन्य नेताओ के साथ इसबास जेल में रखा गया| 17 महीने की नज़रबंदी समाप्त होने के बाद वे जेल से मुक्त हुए|

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