Shaheed Kosh

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श्री रोशनलाल बोर्दिया जाति से जैन थे| उस समय 10 हज़ार लोगो का एक विशाल जुलुस महाराजा को ज्ञापन भेंट करने गया था लेकिन राजमहल की सीमा में जनता पर भयंकर लाठीचार्ज किया गया| श्री बोर्दिया उस प्रदर्शन के संयोजको में से एक थे| उस अवसर पर श्री बोर्दिया सहित 64 व्यक्ति गिरफ्तार किये गए और उन्हें पुलिस कोटड़ी में नज़रबंद रखा गया| मेवाड़ प्रजामण्डल के बाद सन 1938 में नाथद्वारा में जो आंदोलन हुआ उसमे श्री बोर्दिया को 8 दिवस पुलिस कस्टडी में रखा गया| भारत छोडो आंदोलन में श्री बोर्दिया को भी गिरफ्तार कर लिया गया| उन्हें 1 वर्ष के लिए उदयपुर और इसवाल की जेल में नज़रबंद रखा गया| सन 1948 में अप्रैल की 5 तारीख को जब पुलिस की गोली से शांति और आनंदी शहीद हो गए उस समय एक गोली श्री बोर्दिया के पांव में लगी|

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