Shaheed Kosh

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श्री मति शांता त्रिवेदी राजस्थान में महिला जागरण की दिशा में कार्य करने वाली अग्रगण्य महिला थी| उनका जन्म नागपुर में हुआ था और उनकी प्रारंभिक शिक्षा नागपुर में ही हुई थी| उनका विवाह उदयपुर के प्रसिद्ध समाजसेवी श्री परसराम त्रिवेदी के साथ 1941 में हुआ| उदयपुर में सामंतवाद के विरुद्ध छिड़े अंतिम संघर्ष में 4 अप्रैल 1948 को श्रीमती शांता त्रिवेदी चार लॉरियों में बैठी हुई महिलाओं का नेतृत्व करते हुए जब रंग निवास पहुंची तो सामंतवादियों की और उन पर भयंकर हमला किया गया| श्रीमती शांता त्रिवेदी उस सामंती आक्रमण में बुरी तरह घायल हो गयी और उन्हें करीब दो महीने तक अस्पताल में रहकर इलाज कराना पड़ा| श्रीमती शांता त्रिवेदी ने हरिजन और अनुसूचित जाति की महिलाओं में भी जागरण की एक नई लहर पैदा कर दी थी|

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