Shaheed Kosh

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श्री जोशी अम्बालाल केलवा उदयपुर के पारीक ब्राह्मण थे| विद्यार्थीकाल में ही प्रजामण्डल के आंदोलन में सम्मिलित हो गए| सन 1938 के आंदोलन में उन्हें राजद्रोह के अपराध में एक वर्ष की सख्त सज़ा दी गयी| उनका गांव केलवा एक जागीरी गाँव था और जागीरदारी से उन्हें वर्षो तक संघर्ष करते रहना पड़ा| जागीरदार ने उनके ज़मींन ज़ब्त कर ली और उन्हें मार डालने के लिए कई षड़यंत्र किये गए| भारत छोड़ो आंदोलन में जोशी अम्बालाल को 7 महीने के लिए उदयपुर सेंट्रल जेल में नज़रबंद रखा गया| लोकतान्त्रिक विकेन्द्रीकरण के बाद जोशी अम्बालाल 13 वर्ष तक न्यायपंचायत के अध्यक्ष रहे|

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