Shaheed Kosh

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श्री चिमनलाल बोर्दिया एक निष्ठावान राष्ट्रीय कार्यकर्ता और मूक सेवक थे| वे समाज के पिछड़े लोगो की सेवा में जी जान से जुटे रहे| श्री चिमनलाल बोर्दिया भारत छोडो आंदोलन में 23 अगस्त 1942 को गिरफ्तार किये गए थे और 7 महीना 27 दिन तक वे नज़रबंद रखे गए| श्री बोर्दिया 1930 में नमक सत्याग्रह के समय गोधरा में सत्याग्रह करते हुए गिरफ्तार हुए और 24 दिन जेल में रहे| 1932 में वे प्रयागराज में विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार करते हुए गिरफ्तार हुए और 17 दिन नैनी जेल में बिताए| उन्होंने 1932 में उदयपुर के व्यापारियों के विशाल सामूहिक प्रदर्शन में भी भाग लिया था| श्री चिमनलाल बोर्दिया हरिजनों और आदिवासियो के उद्धार के लिए निरंतर कार्य करते रहे| मजदूरों को शोषण से बचाने के लिए सहकारी समितियों का गठन किया|

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