Shaheed Kosh

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श्री वीरभद्र जोशी मूलतः एक शिक्षक थे, उन्होंने एम.ए. की परीक्षा देने के बाद बी.एड. का डिप्लोमा ले लिया था| वे उदयपुर जिले के ग्राम कानोड़ के निवासी थे| लेकिन भारत छोडो आंदोलन के संदर्भ में प्रजामण्डल ने महाराणा उदयपुर को अल्टीमेटम दिया उस समय वे स्कूल छोड़कर सत्याग्रह करने लिए चले गए| उन्होंने उदयपुर के हाईकोर्ट पर 2 सितम्बर 1942 को तिरंगा झंडा फ़हराया| उन्हें भारत सुरक्षा कानून के अंतर्गत गिरफ़्तार करके उदयपुर की सेंट्रल जेल में 2 वर्ष तक नज़रबंद रखा गया| फिर वे चित्तौड़ चले गए और चित्तौड़ जिला प्रजामण्डल के रूप में कार्य किया| उन्होंने मेवाड़ प्रजामण्डल समाजवादी दल की स्थापना की| कई दिन तक साप्ताहिक क्रांति का संपादन किया| कई दिनों तक डूंगरपुर सेवासंघ के स्कूलों में भी कार्य किया| सन 1951 में राजकीय सेवा में प्रवेश ले लिया| कई दिनों तक श्री वीरभद्र जोशी राजकीय पाठशालाओं में शिक्षक रहे | तत्पश्चात वे भींडर पंचायत समिति में शिक्षा प्रसार अधिकारी के पद पर भी कार्यरत रहे|

General Administration Department
Goverment of NCT of Delhi