Shaheed Kosh

इनके व्यक्तित्व के बारे में कोई भी तथ्य छूट गया हो या कोई तथ्य त्रुटिपूर्ण तो कृपया ज़रूर बतायें

श्री मानूराम उर्फ़ मनरूप रैगर प्रजामण्डल और कांग्रेस के एक पुराने कार्यकर्ता थे| नमक सत्याग्रह के बाद में उन्होनें स्वदेशी का व्रत लेकर खादी पहनना शुरू कर दिया था और गांधीजी का सन्देश गांव-गांव में फैलाने लग गए थे| सन 1938 में प्रजामण्डल का आंदोलन छिड़ने पर मनरूप जी ने भाग लिया और उन्हें साढ़े चार महीने तक नज़रबंद रखा गया| इसके बावजूद भी वे लोक-सेवा के कार्य में लगे रहे|

General Administration Department
Goverment of NCT of Delhi